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ब्राह्मणों के त्याग और समर्पण

 ब्राह्मण दान देने पे आया तो -दधीचि, दान लेने पे आया तो सुदामा परीक्षा लेने पे आया तो -भृगु, तपोबल पे आया तो कपिल मुनि अहंकार को दबाने पे आया तो अगस्त मुनि धर्म को बचाने पे आया तो आदि शंकराचार्य नीति पे आया तो ... -चाणकय, नेतृत्व करने पे आया तो -अटल बिहारी, बग़ावत पे आया तो -मंगल पांडे, क्रांति पे आया तो -चंद्रशेखर आज़ाद, संगठित करने पे आया तो -केशव बलिराम हेगड़ेवार, संघर्ष करने पे आया तो -विनायक राव सावरकर- निराश हुआ तो -नाथु राम गोडसे और क्रोध मे आया तो -परशुराम

क्या आप भी हो रहे है इसके शिकार..

68% लोगो को ये महसूस होता है कि 
जैसे उनके जेब में रखे फोन में अभी-अभी वाइब्रेशन हुआ है 
जबकि असल में ऐसा कुछ नही होता।
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।।।।।
...
साइकोलॉजी के अनुसार ऐसा फ़ोन के ज्यादा प्रयोग से होता है।
आपका दिमाग़ फोन के ईरद गिरद चक्कर लगाता रहता है 


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