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ब्राह्मणों के त्याग और समर्पण

 ब्राह्मण दान देने पे आया तो -दधीचि, दान लेने पे आया तो सुदामा परीक्षा लेने पे आया तो -भृगु, तपोबल पे आया तो कपिल मुनि अहंकार को दबाने पे आया तो अगस्त मुनि धर्म को बचाने पे आया तो आदि शंकराचार्य नीति पे आया तो ... -चाणकय, नेतृत्व करने पे आया तो -अटल बिहारी, बग़ावत पे आया तो -मंगल पांडे, क्रांति पे आया तो -चंद्रशेखर आज़ाद, संगठित करने पे आया तो -केशव बलिराम हेगड़ेवार, संघर्ष करने पे आया तो -विनायक राव सावरकर- निराश हुआ तो -नाथु राम गोडसे और क्रोध मे आया तो -परशुराम

भारत की राष्ट्र भाषा ही नहीं है



 Hello world, 

Kya Aap Logo Ko Pta h India Ki Koi National Language Nhi Hai 

JI Han, Aapne Shi Suna :

File Photo

"भारत की कोई राष्ट्रीय भाषा नहीं हैं,

 हिंदी अधिकारिक भाषा है 

जो कि देश के कई राज्यों में बोली जाती है। 

इसके अलावा अंग्रेजी भी देश के कई राज्यों में बोली जाती है।"



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